Mutual Fund क्या है कैसे करे निवेश पूरी जानकारी | Mutual Funds In Hindi

Mutual Fund kya hai– साथियों, आपने शायद Mutual Fund का नाम सुना होगा। Mutual Fund इन दिनों investment करने का सबसे प्रसिद्ध तरीका है। इसीलिए आप में से बड़ी संख्या में लोगों को पता होना चाहिए कि Mutual Fund क्या है। हालाँकि, बहुत से साथियों को म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना चाहते हैं, लेकिन उनके पास म्यूच्यूअल फंड्स के बारे में सही जानकारी नहीं है।

आज हम आज हम Hindi Technical के इस पोस्ट में आपको म्यूच्यूअल फंड से जुड़ी जानकारी देने वाले हैं, जिसमें की Mutual fund kya hai से लेकर किस तरह से आप म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करके मुनाफा कमा सकते हैं।

क्या आप को पता है कि आपके पैसे की कीमत समय के साथ घटती जाती है? आखिर ऐसा क्यों होता है? तो बता दें की इसकी वजह होती है inflation, और इस तरह आपको लगता है कि महंगाई बढ़ रही है जबकि असल में पैसों की वैल्यू कम होती जा रही है। इस महंगाई से निजात पाने के लिए लोग कहीं न कहीं सोना, फिक्स डिपाजिट, बचत खाते, रियल एस्टेट, शेयर मार्केट निवेश और ट्रस्ट आदि के रूप में पैसा invest करते आ रहे हैं।

लेकिन इन सब में म्युचुअल फंड क्या है जो यह आज भी लोकप्रिय हैं इसी बारे में हम आज बात करने का है। दोस्तों जो अन्य निवेश योजनाएं हैं वह आपको पैसा तो बना कर देती है लेकिन Mutual Funds उन सब में अव्वल साबित होता है क्योंकि वह inflation (मुद्रास्फीति) के हिसाब से आपके पैसे की वैल्यू को 2 से 3 गुना तक कर देता है।

तो चलिए बिना देरी के बात करते हैं कि Mutual Fund क्या है और म्यूच्यूअल फंड कैसे काम करता है।

Mutual Fund क्या है | Mutual Fund in Hindi

What is Mutual Fund in Hindi– जैसा कि थोड़ा बहुत नाम से पता लगता है की Mutual Fund का मतलब सामूहिक पूंजी/निवेश है। यदि आप किसी म्युचुअल फंड स्कीम में निवेश करते हैं तो उस निवेश में केवल आपका ही पैसा नहीं होता अपितु बहुत से लोगों का पैसा मिलकर म्यूचल फंड का निर्माण करता है।

mutual fund kya hai puri jankari in hindi
mutual fund kya hai puri jankari in hindi
लोगों द्वारा जमा किया पैसा एक स्कीम में एकत्रित किया जाता है जिसे Mutual Fund कहते है। उसके बाद उस पैसे को म्यूच्यूअल फंड कंपनी और विभिन्न मैनेजर द्वारा अलग-अलग तरह से विभिन्न सेक्टर और क्षेत्रों में इन्वेस्ट किया जाता है।

कंपनियां विभिन्न तरह के म्यूच्यूअल फंड स्कीम मार्केट में लाती है जिनमें आप अपना पैसा निवेश कर सकते हैं और वह पैसा फंड इन्वेस्टर द्वारा उनके अनुसार अलग-अलग स्कीमों में लगाया जाता है। फल स्वरुप आपको बिना किसी चिंता के अच्छा रिटर्न भी मिलता है।

म्यूचुअल फंड का इतिहास

Mutual Fund क्या होता है और अधिक जानने से पहले आइए थोड़ा सा म्यूच्यूअल फंड की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में जान लें। भारत की पहली म्यूच्यूअल फंड की नीव UTI द्वारा रखी गई (UTI 1963 में स्थापित हुआ था)। इसके बाद म्यूच्यूअल फंड की पहली स्कीम 1964 में UTI द्वारा सबके सामने लाई गई। धीरे धीरे अन्य म्यूच्यूअल फंड कंपनियों की स्थापना होती रही और आज ऐसी सैकड़ों कंपनियां हैं जो म्युचुअल फंड स्कीम प्रोवाइड करती हैं।

Mutual Fund कैसे काम करता है

म्यूच्यूअल फंड में, कई निवेशिकों की जमा राशि को एक स्थान पर संग्रहीत किया जाता है और इस पैसे को पुनः को शेयर बाजार में डाल दिया जाता है। लेकिन यह कार्य AMC (एसेट मैनेजमेंट कंपनियों) की देखरेख में किया जाता है। प्रत्येक AMC में आमतौर पर विभिन्न म्यूच्यूअल फंड की योजनाएं शामिल होती हैं।

यदि आप शेयर मार्केट में पैसा लगाना चाहते हैं लेकिन आपके पास शेयर मार्केट की नॉलेज नहीं है साथ ही आप चाहते हैं कि आपका पैसा कोई और व्यक्ति इन्वेस्ट करें और आपको अच्छा रिटर्न दे, तो म्यूच्यूअल फंड की स्कीम आपके लिए ही बनी है और आप को जानना जरूरी है म्यूचुअल फंड कैसे काम करता है। म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने के बाद आपका पैसा फंड मैनेजर के पास पहुंच जाता है वह फंड मैनेजर आपके पैसों को शेयर बाजार, बांड और गवर्नमेंट सिक्युरिटीज में निवेश करता है और उसका कुछ प्रतिशत हिस्सा स्वयं रख आपको अच्छा रिटर्न दिलवाता है।

यदि आप शेयर मार्केट के बारे में भी जानना चाहते हैं तो जाने की शेयर मार्किट क्या है और share bazar में क्या होता है इसके बाद स्वयं भी आप अपना पैसा शेयर मार्केट में इन्वेस्ट कर सकते हैं। जिस प्रकार शेयर मार्केट में loss होने का रिस्क बना रहता है उसी प्रकार म्यूचुअल फंड में भी आप लाभ और हानि दोनों के हिस्सेदार होते हैं।

Mutual Funds का rate कैसे तय होता है

आम तौर पर म्यूचुअल फंड में आपके निवेश को यूनिट में बदल दिया जाता है जिसे NAV (Net Asset Value) के आधार पर रखा जाता है। जब भी आप म्युचुअल फंड खरीदते हैं या बेचते हैं तो उसका price उस समय की NAV पर निर्भर करता है।

जिस प्रकार शेयर खरीदते वक्त आपके शेयर का price होता है उसी प्रकार म्यूच्यूअल फंड एनएवी के आधार पर आप की जमा पूंजी का आकलन होता है। आपके द्वारा निवेश किया गया पैसा एनएवी के आधार पर प्रति यूनिट आपके पोर्टफोलियो में क्रेडिट कर दिया जाता है।

उदाहरण: यदि आप म्यूचुअल फंड में ₹1000 निवेश कर रहे हैं और उस वक्त NAV ₹25 है तो आपके पोर्टफोलियो में 40 units क्रेडिट कर दी जाएंगी।

NAV की गणना = (कुल फंड मूल्य – कुल फंड देनदारियां)/ स्कीम के बकाया यूनिट्स की कुल संख्या उपयोग कर की जाती है।

म्यूच्यूअल फंड कौन मैनेज करता है

अब तक थोड़ा बहुत तो आप जान ही गए होंगे कि mutual fund kya hai और mutual fund kaise kam karta hai उसके बाद आपको यह जानना भी जरूरी है कि निवेश की गई रकम किन व्यक्तियों द्वारा मैनेज की जाती है।

विभिन्न म्यूच्यूअल फंड हाउसेस आपके पैसे को निवेश करने के लिए व्यक्तिगत रूप से फंड मैनेजर्स (Fund managers) को अपनी कंपनियों में शामिल करते हैं। उन्हें एक निर्धारित लक्ष्य दिया जाता है जिस अनुरूप वह आपके पैसे को निवेश करते हैं।

जिस प्रकार शेयर मार्केट को SEBI (Securities exchange Board of India) के अंतर्गत रखा गया है ठीक उसी प्रकार म्यूच्यूअल फंड SEBI द्वारा रेगुलेट किया जाता है। और इस वजह से म्यूचुअल फंड में निवेश एक सुरक्षित जरिया बन जाता है।

म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे करें

पहले के मुकाबले म्यूचुअल फंड में निवेश करना अब आसान हो चुका है। आप विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। आजकल तो मनी ट्रांसफर एप जैसे phonepe, Paytm भी म्यूचुअल फंड में निवेश करने की सुविधा प्रदान करते हैं। या फिर आप ब्रोकिंग प्लेटफार्म जीरोधा का इस्तेमाल भी कर सकते हैं जानिए Zerodha में Demat Account कैसे खोले | No Income Proof Required

म्यूचुअल फंड में निवेश कब करें

यदि आप ढूंढ रहे हैं कि म्यूच्यूअलफंड में निवेश का सही समय क्या है तो आपको बता दें की आम तौर पर म्यूचुअल फंड में मिलने वाले ब्याज की मात्रा का आधार तय नहीं होता है। आपका निवेश किया गया पैसा बाजार में लगाया जाता है फलस्वरूप वांछित परिणाम का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। इसीलिए आपको NVA के आधार पर जल्द से जल्द जब भी आपके पास रकम हो निवेश कर देना चाहिए।

Mutual Fund में Investment करने के तरीके

यदि आपने म्यूचुअल फंड में निवेश का मन बना लिया है तो आप म्यूचल फंड में दो तरह से इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं।

  • SIP
  • LUMP SUM

SIP– एसआईपी मतलब की सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान, जिस तरह से आप बैंक में आरडी (Recurring Deposit) करते हैं ठीक उसी प्रकार आप म्यूचुअल फंड में भी 15 दिन, एक महीना या 3 महीने की SIP कर सकते हैं। म्यूच्यूअल फंड ओपन करते समय आपको एसआईपी निर्धारित करनी होती है।

LUMP SUM– यदि आपके पास एक बड़ी रकम है और आप बार-बार इन्वेस्टमेंट नहीं करना चाहते तो आप एक बार में lump sum कर सकते हैं जैसा कि आप बैंक की एफडी (Fixed Deposit) में करते हैं।

Mutual Fund में डायरेक्ट प्लान और रेगुलर प्लान

म्यूचुअल फंड में निवेश करते वक्त आपको दो विकल्प दिए जाते हैं डायरेक्ट प्लान और रेगुलर प्लान चलिए एक-एक करके इनको समझते हैं की म्यूच्यूअल फंड डायरेक्ट प्लान क्या है और रेगुलर प्लान क्या है।

म्यूच्यूअल फंड डायरेक्ट प्लान क्या है– यदि आप डायरेक्ट प्लान विकल्प का चुनाव करते हैं तो इसमें आपके और म्युचुअल फंड हाउस के मध्य कोई भी ब्रोकर नहीं होता इस वजह से आपको expenses ratio भी कम देना पड़ता है।

म्यूच्यूअल फंड रेगुलर प्लान क्या है– यदि आप एक एजेंट चाहते हैं तो रेगुलर प्लान में आपके और होटल फंड हाउस के मध्य एक एजेंट स्थापित कर दिया जाता है जिस वजह से एक्सपेंसेस रेशियो काफी ज्यादा हो जाता है।

यदि आपके म्यूच्यूअल फंड की समय अवधि ज्यादा है तो आपको म्यूच्यूअल फंड डायरेक्ट प्लान का ही इस्तेमाल करना चाहिए अन्यथा आप बहुत बड़ी रकम एजेंट को ही दे देंगे।

क्या म्यूचुअल फंड सही है

हमने आपके सामने म्यूच्यूअल फंड की पूरी किताब खोल कर रख दिया कि कैसे म्यूच्यूअल फंड काम करता है और आपके पैसे को म्यूचल फंड कौन मैनेज करता है हम आपको बहुत सारे ऐसे कारण बता सकते हैं जिसके बाद आप भी कह सकते हैं म्युचुअल फंड सही है।

  • म्यूच्यूअल फंड मैनेज करने में आसान है आप इसे कभी भी खरीद बेच सकते हैं।
  • अगर आप अच्छा म्यूच्यूअल फंड खरीदते हैं तो यह आपको बैंक एफडी या पीपीएफ से भी ज्यादा रिटर्न दे सकता है।
  • बिना शेयर मार्केट और गवर्नमेंट स्कीम की नॉलेज के आप अच्छा रिटर्न ले सकते हैं।
  • बेहद ही कम कीमत में यानी कि एक्सपेंस रेशों में आप अपने निवेश के लिए एक अच्छा निवेशक ढूंढ सकते हैं।
  • क्योंकि म्यूच्यूअल फंड SEBI द्वारा रेगुलेट किया जाता है तो यह सुरक्षित है और आपको किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से भी बचाता है।
दोस्तों ध्यान रखें म्यूचुअल फंड में केवल लाभ ही नहीं होता कभी-कभी गलत म्यूचुअल फंड के चुनाव के कारण आपको हानि भी हो सकती है यह केवल और केवल आपके फंड मैनेजर और म्यूचुअल फंड स्कीम पर निर्भर करता है

Conclusion:

दोस्तों हमने म्यूच्यूअल फंड की पूरी जानकारी इस पोस्ट में दी है। म्यूचुअल फंड बाज़ार से जुड़े निवेश हैं और इस तरह वे कभी पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हो सकते हैं लेकिन इसमें आपका पैसा विभिन्न बांड और शेयरों में बांट दिया जाता है जिस वजह से जोखिम थोड़ा कम हो जाता है। इस तरह स्टॉक या बॉन्ड के मुकाबले इनमें कम जोखिम होता है। अब यह आपको तय करना है कि आपको म्यूचुअल फंड में निवेश करना है कि नहीं जितना ज्यादा जोखिम उतना ज्यादा रिटर्न।

मुचल फंड में थोड़ा कम रिस्क मालूम पड़ता है इसीलिए इसमें स्टॉक और बांड के मुकाबले रिटर्न भी लिमिटेड है। यदि आप बिल्कुल नए निवेशक हैं तो एक बार अच्छे इन्वेस्टर और ब्रोकर की सलाह जरूर लें उसके बाद ही निवेश करें।

म्यूच्यूअल फंड से संबंधित FAQ’s

म्यूच्यूअल फण्ड में कितना रिटर्न मिलता है?

म्यूच्यूअल फंड बाजार जोखिमों के अंतर्गत आता है इसीलिए इसमें कहा नहीं जा सकता कि आपको कितना रिटर्न मिलेगा। लेकिन अगर आपका म्यूच्यूअल फंड की अवधि 3 या 5 साल से अधिक है तो आपको बैंक की एफडी या आरडी के मुकाबले ज्यादा रिटर्न देखने को मिलेगा।

क्या म्यूचुअल फंड safe है?

म्यूच्यूअल फंड बाजार जोखिमों के अधीन है इसीलिए अच्छी तरह जांच पड़ताल और रिस्क को समझते हुए ही म्यूच्यूअल फंड में कदम रखें।

सबसे अच्छा म्युचुअल फंड कौन सा है?

जो कहा नहीं जा सकता कि सबसे अच्छा म्युचुअल फंड कौन सा है आप उस फंड के पिछले कुछ सालों के परफॉर्मेंस के अनुसार उसे चुन सकते हैं।

म्यूचल फंड कितने रुपए से स्टार्ट करें।

आप मिनिमम ₹500 से म्यूच्यूअल फंड स्टार्ट कर सकते हैं जबकि आजकल कुछ ऑनलाइन म्यूच्यूअल फंड स्कीम आपको ₹100 से स्टार्ट करने की सुविधा दे रही है।

यह भी पढ़ें:

दोस्तों आशा करते हैं आपको यह पोस्ट पसंद आया होगा और कुछ बहुत तो समझ गए होंगे कि Mutual Fund क्या है (Mutual Fund in hindi) और साथ ही हम ने बताया कि म्यूच्यूअल फंड कैसे काम करता है। अगर आपका कोई सुझाव है तो नीचे कमेंट करें और अगर आपको यह पोस्ट अच्छा लगा तो इसे अन्य के साथ शेयर करें जिससे कि आपके रिश्तेदार और अपने मित्रों में को भी जागरूकता बनी रहे साथ ही सबको बहुत लाभ होगा भी होगा। धन्यवाद

Satyam Panda

मैं इस वेबसाइट का Founder और Chief Editor हूं। Education की बात करें तो मैं इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हूं और बतौर इंजीनियर कार्यरत हूँ। साथ ही पार्ट टाइम मुझे ब्लॉग लिखना और टेक्नोलॉजी के साथ अपडेट रहना पसंद है जिसे में इस ब्लॉग (Hinditechnical.in) के माध्यम से आपके साथ साझा करता हूँ।

Leave a Reply