SENSEX: सेंसेक्स क्या है | Sensex कैसे काम करता है | BSE Sensex in Hindi

BSE Sensex– दोस्तों वैसे तो आप जानते होंगे कि सेंसेक्स क्या है लेकिन शेयर मार्केट के stock index Sensex को समझना इतना आसान भी नहीं है। अक्सर आप सुनते आए होंगे कि आज सेंसेक्स ने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा या सेंसेक्स में गिरावट के चलते हुआ निवेशकों का करोड़ों का नुकसान, तो ऐसे में आप जानने के उत्सुक होंगे कि आखिर सेंसेक्स क्या होता है और सेंसेक्स कैसे काम करता है।

आज हम Hindi Technical के इस पोस्ट में आपको सेंसेक्स के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं। तो अगर आप SENSEX की उठापटक के बारे में समझना चाहते हैं और सेंसेक्स में कारोबार करना चाहते हैं तो उसके लिए भी आपको सेंसेक्स की पूर्ण जानकारी होनी जरूरी है। तो चलिए जान लेते हैं बीएसई सेंसेक्स क्या है और Sensex के कैलकुलेशन का तरीका।

दोस्तों अगर आप मार्केट से कुछ कम आना चाहते हैं तो बीएसई सेंसेक्स के साथ ही आपको यह भी जानना जरूरी है कि NSE का stock index निफ्टी क्या है और शेयर मार्किट क्या है

BSE Sensex क्या है

क्या आप जानते हैं कि SENSEX की फुल फॉर्म क्या है, सेंसेक्स 2 शब्द सेंसेटिव और इंडेक्स को मिलाकर बनाया गया है। क्योंकि सेंसेक्स Bombay stock exchange (BSE) का एक महत्वपूर्ण बेंचमार्क stock index है। इसीलिए इसे बीएसई सेंसेक्स के नाम से भी जाना जाता है। इसमें BSE में लिस्टेड 13 विभिन्न क्षेत्रों की top 30 कंपनियों के शेयरों को शामिल किया जाता है।

sensex kya hota hai in hindi
sensex kya hota hai in hindi
क्या आप जानते हैं कि सेंसेक्स भारत का सबसे पुराना स्टॉक मार्किट इंडेक्स है, जिसकी शुरुआत 1986 में हुई थी। और इस शब्द को दीपक मोहोनि जी द्वारा मार्केट में लाया गया था।

सेंसेक्स के जरिए आप स्टॉक मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को एक ही इंडेक्स के माध्यम से देख सकते हैं। क्योंकि सेंसेक्स अपने अंदर सभी महत्वपूर्ण (मार्केट कैपिटालाइजेशन के आधार पर) कंपनियां शामिल है और यदि इन कंपनियों के शेयरों में बदलाव होता है तो सेंसेक्स में उतार-चढ़ाव आता है।

सेंसेक्स कैसे काम करता है (How sensex works in hindi)

उम्मीद है दोस्तों ऊपर पढ़कर की सेंसेक्स क्या है आपको थोड़ा बहुत अनुमान तो लग ही गया होगा कि सेंसेक्स क्या होता है। तो चलिए अब बात कर लेते हैं कि सेंसेक्स काम कैसे करता है या फिर सेंसेक्स कैसे बनता है।

जैसा कि हमने आपको बताया सेंसेक्स में BSE में लिस्टेड कंपनियों के मार्केट इवैल्यूएशन के आधार पर 30 कंपनियों को रखा जाता है। हम आपको बताते हैं कि बीएसई में कितनी कंपनियां शामिल है, BSE में 7600 से भी ज्यादा कंपनियां शामिल है। तो अब आप सोच रहे होंगे कि केवल 30 कंपनियों के शामिल करने से बीएसई सेंसेक्स कैसे मार्केट की चाल को बता सकता है। आपका सोचना सही है लेकिन जो 30 कंपनियों को सेंसेक्स की लिस्ट में शामिल किया जाता है उनका मार्केट कैपिटल बीएससी में डिस्ट्रिक्ट सारी कंपनियों का 50% होता है।

तो आप अब इसी से अंदाजा लगा सकते हैं की उन 30 कंपनियों के शेयर्स की चाल कैसे सेंसेक्स को घटा बढ़ा सकती है। साथ ही आप केवल बीएसई सेंसेक्स स्टॉक इंडेक्स को देखकर शेयर बाजार के कारोबार को समझ सकते हैं।

सेंसेक्स कैसे बढ़ता है– तो दोस्तों अगर संसेक्स 30 कंपनियों में से 60% से ज्यादा कंपनियां अच्छा कारोबार कर रही होंगी तो उनके शेयर का इवैल्यूएशन भी बढ़ेगा जिसके साथ सेंसेक्स में भी तेजी आएगी।

सेंसेक्स कैसे काम होता है– सेंसेक्स मैं तेजी से विपरीत यदि सेंसेक्स 30 कंपनियों के शेयरों में कोई खास मुनाफा देखने को नहीं मिलता तो आप कह सकते हैं कि सेंसेक्स गिर रहा है।

BSE SENSEX में शामिल कंपनियां ( SENSEX 30 companies)

सेंसेक्स में कौन सी कंपनियां शामिल है यह जानने से पहले आपको क्यों जानना जरूरी है कि सेंसेक्स की गणना कैसे होती है। सेंसेक्स की गणना से हमारा मतलब है कि यह कैसे तय किया जाता है कि बीएसई सेंसेक्स में किन कंपनियों को शामिल किया जाना है, क्योंकि सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियां हमेशा फिक्स नहीं रहती। समय-समय पर गणना के अनुसार सेंसेक्स 30 कंपनियां बदलती रहती है।

तो ऐसे में यह बताना उचित नहीं रहेगा कि सेंसेक्स में शामिल कंपनियां कौन सी हैं लेकिन हम आपको यह जरूर बताएंगे कि सेंसेक्स का कैलकुलेशन कैसे किया जाता है और कौन-कौन व्यक्ति इन चीजों का विश्लेषण करता है।

सेंसेक्स का कैलकुलेशन कैसे होता है

  • सेंसेक्स में शामिल सभी 30 कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन निकालने के बाद कंपनी द्वारा जारी किए गए शेयरों की संख्या को शेयर के भाव से गुणा किया जाता है। इस तरह जो आंकड़ा निकल कर आता है उसे कंपनी का बाजार पूंजीकरण(मार्केट कैपिटलाइजेशन) कहते हैं।
  • अब उस कंपनी के फ्री फ्लोट फैक्टर की गणना करने के लिए कंपनी द्वारा जारी किए कुल शेयरों का वह हिस्सा है जो बाजार में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होता है उसे देखा जाता है। उदाहरण के माध्यम से समझे तो जैसे कि किसी XYZ कंपनी के Total 100 शेयरों में से 40 शेयर तो सरकार और प्रमोटर ने लिए हुए हैं और बच्चे बाकी 60 शेयर ही शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध है। इसका मतलब हुआ कि XYZ कंपनी का free float factor 60% हुआ।
  • उसके बाद बीएससी में लिस्टेड सभी कंपनियों के फ्री फ्लोट फैक्टर को उस कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन से गुणा करके कंपनी के फ्री फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन का आंकड़ा तैयार किया जाता है।
  • अब सेंसेक्स का कैलकुलेशन करने के लिए,

सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों के फ्री फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन को जोड़कर उसे बेस वैल्यू से डिवाइड करते हैं और फिर इसे बेस इंडेक्स वैल्यू (सेंसेक्स के लिए बेस वैल्यू 2501.24 करोड़ रुपये तय किया गया है) से गुणा करते हैं। इसके अलावा बेस इंडेक्स वैल्यू 100 है

तो इस तरह से सेंसेक्स का कैलकुलेशन/आकलन किया जाता है.

BSE सेंसेक्स से फायदे

  • सेंसेक्स के फायदे की बात करें तो सबसे बड़ा फायदा तो यह है कि BSE संसेक्स को देखकर हम बिना अलग-अलग कंपनियों के शेयरों का आकलन किए मार्केट की चाल का अनुमान लगा सकते हैं।
  • सेंसेक्स में हम F&O (फ्यूचर एंड ऑप्शन) के माध्यम से कुछ ही समय में बहुत अच्छा प्रॉफिट कमा सकते हैं। लेकिन इसके लिए हमें मार्केट की नॉलेज होना भी जरूरी है।
  • सेंसेक्स हमारे देश की अर्थव्यवस्था से संबंध भी रखता है तो आसानी से हम या आकलन कर सकते हैं कि देश की सभी कंपनियां और बिजनेस अच्छा प्रॉफिट कर रहे हैं।
  • अगर सेंसेक्स स्टॉक इंडेक्स न हों तो कारोबारी दिन के किसी भी वक्त में एक नज़र डालकर शेयर बाजार के रुझान का अंदाज़ा लगाना मुश्किल हो जाता।
  • सेंसेक्स इंडेक्स के सहारे आप इतिहास के किसी भी दिन का बाजार का रुझान देख सकते हैं।
  • आप पिछले 1 मिनट से लेकर 1 हफ्ते 1 साल 1 महीने 5 साल या फिर शुरुआत से शेयर बाजार की चाल या फिर यह कहे कि बीएससी में लिस्टेड कंपनियों के कारोबार की दशा-दिशा कैसे रही है यह जान सकते हैं।

सेंसेक्स में कारोबार कैसे करें

क्या आप जानते हैं कंपनियों के शेयर की तरह आप सेंसेक्स को buy और sell नहीं कर सकते हैं। अगर आप जानना चाहते हैं कि सेंसेक्स को buy/sell कैसे करें उसके लिए आपको मार्केट में उपलब्ध कोई भी ब्रोकर में अकाउंट खोल सकते हैं जैसे कि जीरोधा, एंजल ब्रोकिंग और upstocks.

आपने आज के सबसे बड़े ब्रोकर जीरोधा के बारे में तो सुना ही होगा अगर आप उसमें अकाउंट खोलना चाहते हैं तो जानें की Zerodha में Demat Account कैसे खोले उसके बाद आप सीधे सेंसेक्स में खरीदारी तो नहीं कर सकते लेकिन सेंसेक्स में आने वाले 30 शेयर्स में खरीदारी और बिकवाली कर आसानी से पैसा कमा सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें पहले मार्केट और शेयर बाजार को अच्छी तरह से समझ लें उसके बाद ही पैसे इन्वेस्ट करें।

सेंसेक्स से संबंधित FAQ’s

BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) की स्थापना कब हुई थी?

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज भारत और एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है। इसकी स्थापना 1875 में हुई थी

Sensex में कितने शहर आते हैं?

इस एक्सचेंज की पहुंच 417 शहरों तक है। मुंबई स्टॉक एक्सचेंज भारतीय शेयर बाज़ार के दो प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों में से एक है।

दोस्तों आशा करते हैं आपको यह पोस्ट पसंद आया होगा और आप आसानी से समझ गए होंगे कि BSE Sensex क्या है (sensex in hindi) और साथ ही हम ने बताया कि सेंसेक्स कैसे काम करता है। अगर आपका कोई सुझाव है तो नीचे कमेंट करें और अगर आपको यह पोस्ट अच्छा लगा तो इसे अन्य के साथ शेयर करें जिससे कि आपके रिश्तेदार और अपने मित्रों में को भी जागरूकता बनी रहे साथ ही सबको बहुत लाभ होगा भी होगा। धन्यवाद

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