एनजीओ का फुल फॉर्म क्या है? | NGO क्या होता है? | NGO full form in hindi

आपने एनजीओ (NGO) बहुत बार सुना होगा अगर आप एनजीओ के बारे में जानना चाहते हैं की एनजीओ की फुल फॉर्म क्या है? एनजीओ क्या होता है, एनजीओ कैसे काम करता है? आप अपना खुद का एनजीओ कैसे स्टार्ट कर सकते हैं और एनजीओ क्या करता है तो इस लेख को ध्यानपूर्वक पढ़ें. NGO के बारे में और जानने से पहले चलिए सबसे पहले जान लेते हैं एनजीओ की फुल फॉर्म क्या है? NGO full form in hindi & english.

एनजीओ का फुल फॉर्म क्या है? | What is the full form of NGO?

NGO का फूल फ़ॉर्म या पूरा नाम Non Governmental Organization होता है, एनजीओ का फुल फॉर्म हिंदी में गैर सरकारी संगठन होता हैं.

NGO full form in hindi
NGO full form in hindi

NGO से आप क्या समझते है? | What is NGO?

NGO का इंग्लिश में फुल फॉर्म होती है “नॉन गवर्नमेंट आर्गेनाइजेशन” (Non Government Organization)। जैसे आप इसके नाम के भावार्थ से समझ सकते हैं कि यह एक प्रकार का संगठन (team) है जो बिना सरकारी सहायता के लोगों की मदद करता है। एनजीओ भारत में ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व में यही भूमिका निभाता है.

एनजीओ की स्थापना कब हुई? | When was the NGO established?

NGO को यह मान्यता 17 अप्रैल 2010 को मिली थी या फिर यह कह सकते हैं कि 17 अप्रैल 2010 the day When the NGO was established. 27 फरवरी 2014 को पहली बार संपूर्ण विश्व में एनजीओ दिवस की स्थापना हुई तथा एनजीओ दिवस मनाया गया था. इस प्रस्ताव को ब्रिटिश मानवतावादी मार्किस लिओर्स स्काड्मानिस ने सबके सामने प्रस्तुत किया था, जिसे बाल्टिक सागर एनजीओ फोरम द्वारा मान्यता भी प्रदान की गई थी। और बता दें फोरम द्वारा यह मान्यता 17 अप्रैल 2010 को मिली थी।

एनजीओ क्या करता है? | Work Of NGO

अगर आप सोच रहे हैं कि एनजीओ क्या करता है (what ngo do?) तो नाम के भांति ही कुछ लोगों, व्यवसायियों, धार्मिक अनुयायियों द्वारा बनाया संगठन लोगों की मदद बिना किसी पैसे के करता है. फिर वह मदद चाहे किसी को खाना खिलाना हो, कपड़े देना हो, पढ़ाई हो, या स्वास्थ्य संबंधित हो. इस संगठन से जुड़े लोग जरूरतमंदो मदद करते हैं फिर चाहे वह इंसान हो या जानवर.

एनजीओ में पैसे कहां से आते हैं? | how do ngos make money

एनजीओ की कमाई का कोई एक जरिया नहीं होता इसमें कोई भी पैसे दे सकता है. उदाहरण तौर पर एनजीओ में वस्तुओं और सेवाओं की बिक्री, निजी क्षेत्र की लाभकारी कंपनियों द्वारा, मंदिरों, स्थानीय प्रसिद्ध व्यक्ति द्वारा तथा राज्य और संघीय एजेंसियों से अनुदान और निजी दान शामिल हैं। व्यक्तिगत एवं निजी दान एनजीओ के income source में मुख्य भूमिका निभाता है.

एनजीओ कितने प्रकार के होते हैं? | types of ngo

विश्व में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के एनजीओ का कार्य भी विभिन्न होता है. उनके कार्य अनुसार एनजीओ भी अलग-अलग प्रकार के होते हैं तो चलिए जानते हैं कि ngo के types के बारे में,

Different Types Of NGOs- एनजीओ मुख्यता तीन प्रकार से संगठित होते हैं.

  • Trust Act. – ट्रस्ट अधिनियम
  • Society Act -सोसायटी अधिनियम
  • Company Act- कंपनी अधिनियम

NGO में कौन कौन से पद होते है?

क्योंकि एक एनजीओ हर एक फील्ड में एक साथ काम नहीं कर सकता इसलिए एनजीओ भी विभिन्न भागों में बटा होता है. जिसमें विभिन्न कार्य के लिए विभिन्न पद और व्यक्ति को जिम्मेदारी दी जाती है.

एनजीओ के कर्मचारी की सैलरी कितनी होती है? | How much do NGO workers earn?

वैसे तो एनजीओ एक गैर सरकारी नॉनप्रॉफिट संस्था होती है लेकिन यदि कोई व्यक्ति किसी तरह का कार्य कर रहा होता है. तो उसे भी अपना जीवन यापन करने के लिए थोड़े बहुत पैसों की जरूरत होती है. तो उसी अनुसार एनजीओ भी अपने संगठन में कार्य करने वाले व्यक्तियों या फिर कर्मचारियों को सैलरी देता है.

एनजीओ के कार्य और एनजीओ कितना बड़ा है इस बात पर भी कर्मचारियों की सैलरी निर्भर करती है. माने तो एनजीओ के कर्मचारी की सैलरी ₹10000 से लेकर ₹40000 तक होती है.

एनजीओ कैसे स्टार्ट कर सकते हैं | How can i start my own NGO

यदि आप अपना एनजीओ खोलने की इच्छा रखते हैं तो ngo के स्थापन के लिए आपको अपने राज्य के अधिकार क्षेत्र के दफ्तर में पंजीकरण करना होगा उसके लिए आपको आवेदन फार्म जमा करना होगा। आवेदन फार्म भरने और जमा करने के लिए निम्नलिखित विवरण शामिल होने चाहिए:

  • एनजीओ स्टार्ट करने वाले व्यक्ति/समूह के नाम
  • हलफ़नामा
  • पंजीकरण शुल्क (यह एनजीओ की संपत्ति के मूल्य के आधार पर 3 रुपये से 25 रुपये के बीच हो सकती है)
  • 2 रुपए का कोर्ट फीस स्टाम्प
  • उत्तराधिकार के बारे में जानकारी
  • सहमति पत्र

फिर आवेदक को क्षेत्रीय कार्यालय के अधीक्षक, चैरिटी आयुक्त, क्षेत्रीय अधिकारी व लेखापत्र प्रमाणकारी के सामने आवेदन फार्म पर हस्ताक्षर करने होंगे। फलस्वरूप फार्म को डिमांड ड्राफ्ट की एक कॉपी के साथ जमा करना होगा।

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Conclusion:

जैसा कि हमने आपको ऊपर एनजीओ के बारे में संपूर्ण जानकारी दी, एनजीओ की फुलफॉर्म से लेकर कैसे आप एनजीओ स्टार्ट कर सकते हैं. आशा करते हैं आप एनजीओ के बारे में अच्छी तरह जान गए होंगे यदि आप अपने आसपास के किसी अच्छे एनजीओ के बारे में जानते हैं. तो हमारी राय रहेगी आप भी उसके मेंबर बनिए और इंसानियत के लिए और लोगों की मदद कीजिए.

अगर आप अपने आसपास के अच्छे एनजीओ को जानते हैं जो कि लोगों की मदद कर रहा है तो हमें भी बताएं हम भी सहायता के लिए आगे बढ़ेंगे. और यदि आप एनजीओ से संबंधित कुछ और जानकारियां चाहते हैं तो नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें या फिर हमें हमारे कांटेक्ट पेज के माध्यम से संपर्क करें. धन्यवाद

Satyam Panda

मैं इस वेबसाइट का Founder और Chief Editor हूं। Education की बात करें तो मैं इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हूं और बतौर इंजीनियर कार्यरत हूँ। साथ ही पार्ट टाइम मुझे ब्लॉग लिखना और टेक्नोलॉजी के साथ अपडेट रहना पसंद है जिसे में इस ब्लॉग (Hinditechnical.in) के माध्यम से आपके साथ साझा करता हूँ।

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